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Tuesday, May 3, 2011

कुछ मुक्तक

1. दिल के रास्ते पे तस्वीर है तेरी
हर दोराहे पर मुहब्बत की जंजीर है तेरी
तुम तो मिल जाते हों हर मोड़ पर
लगता है तू मेरी मंजिल
और मैं तकदीर हूँ तेरी

2. ज़िन्दगी को हँसना सिखाया आपने
कुछ देकर जीना सिखाया आपने
मेरे दिल को पहले ही चुरा लिया
और अब कहते हैं कि
बिना दिल से प्यार को निभाया आपने

- शिखा वर्मा "परी"

5th July, 2010

2 comments:

Shalini kaushik said...

2. ज़िन्दगी को हँसना सिखाया आपने
कुछ देकर जीना सिखाया आपने
मेरे दिल को पहले ही चुरा लिया
और अब कहते हैं कि
बिना दिल से प्यार को निभाया आपने
bahut sundar bhavabhivyakti.

Shalini kaushik said...

shikha ji aapke blog ko hamne ye blog achchha laga par liya hai aap bhi yahan aayen aur apne vichar hamse baten.[http://yeblogachchhalaga.blogspot.com]